देश के अंदर आर्थिक मौर्चे पर सरकार ने कई अहम बदलाव किए हैं. पहले 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री किया, फिर जीएसटी रिफॉर्म के जरिए स्लैब और रेट्स में कमी की. दोनों ही बदलावों से घरेलू मांग को बढ़ाने का प्रयास किया है. जैसे टैक्स कम लगने से आम आदमी की जेब में पैसा रहेगा, वहीं जीएसटी कम होने से उस पैसे से सस्ती चीजें आम आदमी खरीद सकता है.
‘दरों में की गई कटौती से महंगाई होगी कम’
एनडीटीवी के GST Conclave समिट में कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बताया, जीएसटी रिफॉर्म्स से देश के अंदर महंगाई में कमी आएगी. गोयल के अनुसार, 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल की बैठक में दरों में की गई कटौती से महंगाई कम होगी, जिससे ब्याज दरें भी घटेंगी. जब महंगाई और ब्याज दर कम होते हैं, तो लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचता है, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ेगी और बाजार में मांग पैदा होगी.
उन्होंने कहा कि यह भारतीय उपभोक्ताओं को नई ऊर्जा देगा. उन्होंने बजट में ₹12 लाख तक की टैक्स छूट और वेतनभोगियों के लिए ₹12.75 लाख तक की छूट का भी जिक्र किया, जिससे लोगों के पास और भी ज्यादा पैसा बचेगा.
‘आजादी के बाद बसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम’
पीयूष गोयल ने कहा कि, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस तरह से बीते 11 वर्षों में अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और एक ऐसी नींव रखी कि जब 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई, तो मेरा मानना है कि आजादी के बाद यह अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है. जीएसटी दरों में कटौती, पूरी प्रक्रिया को सरल करना और सप्लाई चेन को व्यवस्थित बनाना, यह सब उपभोक्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.