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फिर से बुखार? जानिए वो 7 कारण जो बार-बार बुखार आने के पीछे हो सकते हैं जिम्मेदार

किसी भी व्यक्ति को बार-बार बुखार का आना सामान्य बात नहीं होती, लेकिन हम इसे नॉर्मल समझकर घर पर इलाज करने की गलती कर देते हैं. यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है.

किसी को भी बुखार आना एक बहुत नॉर्मल बात मानी जाती है, लेकिन अगर यही बुखार बार-बार आने लगे तो यह सोचने वाली बात हो सकती है. कई बार लोग इसे मौसम या हल्की फुल्की थकावट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन शरीर बार-बार (Baar Baar Bukhar aana) जब तापमान बढ़ाकर चेतावनी देता है, तो उसे अनदेखा करना सही नहीं होता.

यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है, जो धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना रही हो. किसी भी बीमारी के लक्षण (Bukhar ke lakshan) अगर लगातार दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं. ध्यान रखें, शरीर की छोटी सी चेतावनी भी बड़ी बीमारी से बचाव का मौका हो सकती है.

1. यूटीआई (मूत्र मार्ग संक्रमण) : यूटीआई यानी मूत्र मार्ग में संक्रमण, खासकर महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है. इसमें बार-बार हल्का या तेज बुखार आ सकता है. इसके अलावा पेशाब करते समय जलन, पेट के निचले हिस्से में दर्द और बार बार पेशाब आने की जरूरत महसूस होती है. समय पर इलाज से यह बीमारी आसानी से ठीक हो सकती है.

2. टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) : टीबी एक बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी है जो ज्यादातर फेफड़ों पर असर डालती है. इसमें हल्का बुखार बार-बार आता है, खासकर शाम या रात के समय. इसके अलावा वजन घटना, खांसी आना, और रात को पसीना आना इसके आम लक्षण हैं. टीबी का इलाज लंबा होता है, लेकिन समय रहते शुरू कर दिया जाए तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है.

3. मलेरिया : मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी मलेरिया हो जाती है. अगर व्यक्ति को मलेरिया है तो उसे तेज ठंड के साथ बुखार आता है, जो हर 48 या 72 घंटे के बाद दोबारा हो सकता है. इसके साथ-साथ सिर में दर्द, पसीना आना और थकावट महसूस होना भी आम लक्षण हैं. अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.

Hariram Chaurasia

हरीराम चौरसिया एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे दैनिक जागरण सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया हाउस के साथ कार्य कर चुके हैं और निष्पक्ष एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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