BREAKING NEWS
बस्तर पंडुम 2026: नक्सलवाद के अंत के बाद खुलेगा एडवेंचर टूरिज्म का रास्ता- गृह मंत्री अमित शाहथाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बनकर किया था शिकार, अब नेपाल बॉर्डर से दोनों शातिर ठग गिरफ्तार'टाइगर स्टेट’ में बाघों पर दोहरी मार! अंतरराष्ट्रीय तस्कर जेल में, लेकिन मौतों से हिल गया हाईकोर्टबलरामपुर में किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामलाछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना पेनेट्रेशन ‘रेप’ नहीं, ‘रेप का प्रयास है’वित्त वर्ष 2026 में 6.5% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ, रेपो रेट में कटौती कर सकता है RBI- रिपोर्टउपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से राहुल गांधी की दूरी! अब BJP-कांग्रेस आमने-सामनेराहत भरी खबर... अगस्त में खुदरा महंगाई दर घटकर सिर्फ 2% रहने का अनुमान : रिपोर्टबिहार: चुनाव मैदान में एनडीए गठबंधन के साथ उतरेगी सुभासपा, ओमप्रकाश राजभर ने बताया प्लानभारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध... PM मोदी ने नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को दी बधाई'बंगाल में हिंदुओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा': गिरिराज सिंह का बड़ा बयानअगर आपका विटामिन डी3 कम है तो क्या होगा? विटामिन डी3 में कौन सा भोजन सबसे ज्यादा है, जान‍िए यहां परघर में क्या रखने से सांप नहीं आता है? सांप के ऊपर यह डालने से वह तुरंत भाग जाता हैबला की खूबसूरत होती हैं पाकिस्तान के इस गांव की महिलाएं, जानें बुढ़ापे का क्यों नहीं दिखता असरफिर से बुखार? जानिए वो 7 कारण जो बार-बार बुखार आने के पीछे हो सकते हैं जिम्मेदार
BREAKING
बस्तर पंडुम 2026: नक्सलवाद के अंत के बाद खुलेगा एडवेंचर टूरिज्म का रास्ता- गृह मंत्री अमित शाहथाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बनकर किया था शिकार, अब नेपाल बॉर्डर से दोनों शातिर ठग गिरफ्तार‘टाइगर स्टेट’ में बाघों पर दोहरी मार! अंतरराष्ट्रीय तस्कर जेल में, लेकिन मौतों से हिल गया हाईकोर्टबलरामपुर में किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामलाछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना पेनेट्रेशन ‘रेप’ नहीं, ‘रेप का प्रयास है’वित्त वर्ष 2026 में 6.5% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ, रेपो रेट में कटौती कर सकता है RBI- रिपोर्टउपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से राहुल गांधी की दूरी! अब BJP-कांग्रेस आमने-सामनेराहत भरी खबर… अगस्त में खुदरा महंगाई दर घटकर सिर्फ 2% रहने का अनुमान : रिपोर्टबिहार: चुनाव मैदान में एनडीए गठबंधन के साथ उतरेगी सुभासपा, ओमप्रकाश राजभर ने बताया प्लानभारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध… PM मोदी ने नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को दी बधाई‘बंगाल में हिंदुओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा’: गिरिराज सिंह का बड़ा बयानअगर आपका विटामिन डी3 कम है तो क्या होगा? विटामिन डी3 में कौन सा भोजन सबसे ज्यादा है, जान‍िए यहां पर

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

बस्तर पंडुम 2026: नक्सलवाद के अंत के बाद खुलेगा एडवेंचर टूरिज्म का रास्ता- गृह मंत्री अमित शाह
6 hours ago
थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बनकर किया था शिकार, अब नेपाल बॉर्डर से दोनों शातिर ठग गिरफ्तार
6 hours ago
‘टाइगर स्टेट’ में बाघों पर दोहरी मार! अंतरराष्ट्रीय तस्कर जेल में, लेकिन मौतों से हिल गया हाईकोर्ट
6 hours ago
बलरामपुर में किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामला
6 hours ago
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना पेनेट्रेशन ‘रेप’ नहीं, ‘रेप का प्रयास है’
6 hours ago

मजदूरों की कमी से नहीं थमेगी खेती की रफ्तार: खरपतवार हटाने लगे एआई रोबोट, इस देश में हुआ ट्रायल

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)...

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस एक रोबोट कैलिफोर्निया की कपास की खेती में खरपतवार को सावधानी से निकाल रहा है। अब मजदूरों की कमी से खेती की रफ्तार नहीं थमने वाली है।

अमेरिका के कई हिस्सों में खेतों में मजदूरों की भारी कमी और खरपतवारनाशकों के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता के चलते, Aigen नाम की स्टार्टअप कंपनी ने “Element” नामक एक रोबोट तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक किसानों के पैसे बचाएगी, पर्यावरण की रक्षा करेगी और खाने को हानिकारक रसायनों से मुक्त रखेगी।

Aigen के सह-संस्थापक और मुख्य तकनीकी अधिकारी रिचर्ड वुर्डन ने AFP को बताया, “मुझे सच में लगता है कि मानव स्वास्थ्य सुधारने के लिए यह सबसे बड़ा कदम है। हर कोई ऐसा खाना खा रहा है, जिस पर रसायन छिड़के गए हैं।”

टेस्ला में पांच साल काम कर चुके मैकेनिकल इंजीनियर वुर्डन ने बताया कि उन्होंने यह रोबोट तब बनाना शुरू किया जब मिनेसोटा में रहने वाले उनके रिश्तेदारों ने बताया कि खरपतवार हटाना एक महंगा सिरदर्द बन चुका है। खरपतवार अब रसायनों के प्रति प्रतिरोधी हो चुकी हैं और श्रमिकों की कमी के कारण किसान मजबूरी में इन्हीं रसायनों का सहारा लेते हैं।

Aigen के सह-संस्थापक और CEO केनी ली ने कहा, “किसी भी किसान ने कभी नहीं कहा कि वो रसायनों से प्यार करता है। वो बस एक टूल की तरह इनका इस्तेमाल करते हैं — और हम इसका एक विकल्प बना रहे हैं।”

Hariram Chaurasia

हरीराम चौरसिया एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे दैनिक जागरण सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया हाउस के साथ कार्य कर चुके हैं और निष्पक्ष एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top