विदिशा: मध्य प्रदेश में ‘भूत कर्मचारियों’ का पर्दाफाश NDTV ने कुछ समय पहले ही किया था. लगभग 50,000 सरकारी कर्मचारी, जिनका रिकॉर्ड सिस्टम में है, लेकिन दिसंबर 2024 से उन्होंने वेतन ही नहीं निकाला. लेकिन अब इसी सिस्टम की एक और हैरान करने वाली परत खुली है और यह मामला एकदम उलटा है.
जहां हजारों कर्मचारी वेतन नहीं ले रहे हैं, वहीं एक पुलिसकर्मी बिना एक दिन काम किए 12 साल तक वेतन उठाता रहा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में तैनात सिपाही अभिषेक उपाध्याय ने 12 साल में करीब 28 लाख रुपये वेतन के तौर पर लिए हैं. जबकि न तो उसने कभी ट्रेनिंग की और न ही ड्यूटी पर गए.
नौकरी लगी, लेकिन ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे ही नहीं
साल 2011 में अभिषेक उपाध्याय की भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस में हुई थी. उसे सबसे पहले भोपाल पुलिस लाइन में तैनात किया गया और वहां से पुलिस ट्रेनिंग के लिए सागर भेजा गया. यह उस बैच के लिए सामान्य प्रक्रिया थी. लेकिन अभिषेक न तो सागर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे और न ही किसी को सूचना दी. वे सीधा अपने घर विदिशा लौट गए. उन्होंने न छुट्टी के लिए आवेदन किया, न कोई मेडिकल पेपर जमा किया.