BREAKING NEWS
बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है: लखन लाल देवांगनबालको अपने सामुदायिक उत्तरदायित्व का कर रहा है बखूबी निर्वहन: मंत्री श्री देवांगनकार्पोरेट: वेदांता स्किल स्कूल से 13,000 से अधिक युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधारबालको ने मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन पर किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजनदेश का सबसे बड़ा भंडार: सोनभद्र में एल्युमिनियम सिलिकेट, यूपी-झारखंड सीमा पर हैं छह ब्लॉक; 26% तक ग्रेड आंकारायगढ़ | फसल बुआई से पहले किसानों को बड़ा झटका, प्रति एकड़ 10 हजार रुपये तक बढ़ा खेती का खर्च - खेमराज नायकमोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा रोडोपाली मंडल की बैठक संपन्न, विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधरोपणरायगढ़: नवतपा में मानव सेवा का अनूठा उदाहरण, बिप्र परिवार के 9 दिवसीय प्याऊ का हुआ समापनजन्मदिन विशेष: संकल्प शक्ति से वक्त का साँचा बदल देने वाला असाधारण व्यक्तित्व का धनी है ओपी चौधरीबालको ने विभिन्न वार्डों में सुनिश्चित की पेयजल आपूर्तिसेकेंडरी स्टील सेक्टर के लिए उभरता बड़ा अवसर : Induction Furnace रूट से प्राइमरी क्वालिटी स्टील बनाने की दिशा में नई पहलकांग्रेस ने 13वीं पुण्यतिथि पर झीरम घाटी के शहीद नेताओं को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलिईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर पर मुस्लिम समाज एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं: जयसिंह अग्रवाललखन लाल ने किया बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक के नाली निर्माण का शिलान्यासरायगढ़ के जोगीडीपा में नगर पालिक निगम के नोटिस के बाद कांग्रेस पूरी तरह एक्टिव, 8 सदस्यीय जांच समिति गठित
BREAKING
बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है: लखन लाल देवांगनबालको अपने सामुदायिक उत्तरदायित्व का कर रहा है बखूबी निर्वहन: मंत्री श्री देवांगनकार्पोरेट: वेदांता स्किल स्कूल से 13,000 से अधिक युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधारबालको ने मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन पर किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजनदेश का सबसे बड़ा भंडार: सोनभद्र में एल्युमिनियम सिलिकेट, यूपी-झारखंड सीमा पर हैं छह ब्लॉक; 26% तक ग्रेड आंकारायगढ़ | फसल बुआई से पहले किसानों को बड़ा झटका, प्रति एकड़ 10 हजार रुपये तक बढ़ा खेती का खर्च – खेमराज नायकमोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा रोडोपाली मंडल की बैठक संपन्न, विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधरोपणरायगढ़: नवतपा में मानव सेवा का अनूठा उदाहरण, बिप्र परिवार के 9 दिवसीय प्याऊ का हुआ समापनजन्मदिन विशेष: संकल्प शक्ति से वक्त का साँचा बदल देने वाला असाधारण व्यक्तित्व का धनी है ओपी चौधरीबालको ने विभिन्न वार्डों में सुनिश्चित की पेयजल आपूर्तिसेकेंडरी स्टील सेक्टर के लिए उभरता बड़ा अवसर : Induction Furnace रूट से प्राइमरी क्वालिटी स्टील बनाने की दिशा में नई पहलकांग्रेस ने 13वीं पुण्यतिथि पर झीरम घाटी के शहीद नेताओं को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है: लखन लाल देवांगन
1 week ago
बालको अपने सामुदायिक उत्तरदायित्व का कर रहा है बखूबी निर्वहन: मंत्री श्री देवांगन
4 weeks ago
कार्पोरेट: वेदांता स्किल स्कूल से 13,000 से अधिक युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
1 month ago
बालको ने मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन पर किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
1 month ago
देश का सबसे बड़ा भंडार: सोनभद्र में एल्युमिनियम सिलिकेट, यूपी-झारखंड सीमा पर हैं छह ब्लॉक; 26% तक ग्रेड आंका
1 month ago

नक्सल मुक्त दावे के बीच छत्तीसगढ़ में पत्रकार असुरक्षित, सूरजपुर की घटना ने खोली पोल: राज गोस्वामी

श्री गोस्वामी ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज गोस्वामी ने सूरजपुर जिले में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड की भास्कर पारा कोयला खदान में पत्रकारों के साथ हुई घटना को बेहद गंभीर, चिंताजनक और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार प्रदेश को नक्सल मुक्त बताकर अपनी उपलब्धियां गिनाने में लगी है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि अब पत्रकारों को सच दिखाने और जनता की आवाज उठाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

राज गोस्वामी ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 को चंद्र प्रकाश साहू, लोकेश गोस्वामी और मनीष जायसवाल जब भास्कर पारा खदान क्षेत्र के पास सार्वजनिक स्थान से रिपोर्टिंग कर रहे थे, तब वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने उन्हें रोककर विवाद किया, उनके साथ मारपीट की, उनके कैमरे और मोबाइल छीन लिए, रिकॉर्ड किए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए और करीब तीन घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा। इस दौरान गाली-गलौज, धमकी और लूटपाट जैसी घटनाएं भी हुई, जो पूरी तरह से गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं।

राज गोस्वामी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इसे एक सामान्य घटना माना जाए, या फिर यह संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षित नहीं है। पत्रकारों के ऊपर हुई घटना के चार दिन बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन का चार कदम आगे नहीं बढ़ाना क्या यह भी संकेत है कि अब सरकार उद्योगपतियों और उनके प्रभाव में काम करने वालों के आगे झुकती नजर आ रही है? यह केवल तीन पत्रकारों के साथ हुई ज्यादती नहीं है, असल में यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश दिखाई देती है।

श्री गोस्वामी का कहना है कि जब पत्रकारों को ही डराकर, धमकाकर और बंधक बनाकर चुप कराने की कोशिश की जाएगी, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा और सच्चाई सामने कैसे आएगी? यह स्थिति न केवल पत्रकारों के लिए, गहराई से समझा जाए तो यह पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है।

उन्होंने कहा कि सूरजपुर वही जिला है जो कभी नक्सल प्रभाव में रहा है और उस दौर में पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खबरें जनता तक पहुंचाईं। शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम किया। आज जब वही क्षेत्र मुख्यधारा में लौट चुका है, तो वहां पत्रकारों के साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या सच में हालात बदले हैं, या सिर्फ खतरे का रूप बदल गया है।

राज गोस्वामी ने आगे कहा कि बस्तर के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला अभी लोगों के दिलों से गया नहीं है। उनकी चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई है और इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह डर और गहरा हो जाता है कि अगर प्रकाश कोल इंड्रस्टी के भास्कर पारा में कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता ? क्या पत्रकारों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है यह एक बड़ा सवाल है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस घटना पर सख्त और स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती है, तो यह संदेश जाएगा कि प्रदेश में सच लिखना और दिखाना अपराध बन गया है और प्रभावशाली लोगों के सामने कानून भी कमजोर पड़ रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के मजबूत जड़ आंचलिक क्षेत्र के पत्रकार है वो वे डर कर अपना काम छोड़ने वाले नहीं हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन को यह तय करना होगा कि वे लोकतंत्र और सच के साथ खड़े हैं या उसे दबाने वालों के साथ। यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह न केवल पत्रकारिता बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर संकट बन जाएगा। आंचलिक पत्रकारिता को कमजोर करना मतलब पत्रकारिता के जड़ों को खोखला करने में शासन का सहयोग भी माना जा सकता है।

Hariram Chaurasia

हरीराम चौरसिया, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में 34 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे देश के प्रतिष्ठित अखबार 'दैनिक जागरण' सहित अन्य कई प्रतिष्ठित मीडिया हाउस के साथ कार्य कर चुके हैं और निष्पक्ष एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top