
by मुकेश जैन, रायगढ़
आज ओपी चौधरी के जन्मदिन का खयाल आते ही अनायास किसी कवि की ये पंक्तियां अनायास ही होठों पर आ गयीं …
“कुछ लोग थे जो वक्त के साँचों में ढल गये”
“और कुछ लोग हैं कि वक्त के साँचे बदल गये”
रायगढ़। आम जीवन में सामान्यतः अधिकांश लोग वक्त के साँचों में ढल जाते हैं क्योंकि जीवन विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का माद्दा साधारण लोगों को नहीं देती है। वे कुछ असाधारण शख्सियतें होती हैं, जिनमें वक्त के साँचे बदल देने की अद्भुत क्षमता, योग्यता व संकल्प शक्ति होती है। संभवतः कुछ अति विशिष्ट कार्यों के संपादन हेतु ही नक्षत्रों का सर्वोत्कृष्ट योग बनाकर दिन विशेष में ऐसी प्रतिभाओं को जन्म देता होगा। ओपी चौधरी का मूल्यांकन उनके कृतित्व के आईने में किया जाये तो हम इसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे कि वे इन्हीं असाधारण लोगों में शामिल हैं।
आरंभिक जीवन में हिम्मत तोड़ देने वाली विषम परिस्थितियों से लड़कर उन्होंने न केवल अपनी शिक्षा पूर्ण की वरन् देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक पद को हासिल करने का असंभव लगने वाला सपना भी पाल लिया। इस सपने को पूरा करने के संकल्प को लेकर वे दिल्ली पहुंचे। लक्ष्य हासिल करने के दृढ़ संकल्प व ताबड़तोड़ मेहनत के बलबूते वे मात्र 24 वर्ष की अल्पायु में आईएएस की परीक्षा पास करने वाले छत्तीसगढ़ के सबसे युवा प्रतिभा बनकर वापस लौटे। उनका सार्वजनिक जीवन वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में शुरू हुआ। प्रशासनिक जीवन में उन्होंने जनजातीय समाज के साथ ही निचले तबके के सामान्य लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिये अपनी कल्पनाशीलता व विलक्षण सोच से ऐसी अभूतपूर्व योजनायें लागू की जिसकी गूंज राष्ट्रीय स्तर पर सुनी गयी और अपनी अनूठी योजनाओं के लिये प्रधानमंत्री के हाथों से पुरुष्कृत होकर उन्होंने प्रदेश व रायगढ़ जिले का मान बढ़ाया।
प्रशासनिक जीवन के सफलतम 13 वर्ष ही पूर्ण हुये थे कि ओपी चौधरी ने इस आकर्षक नौकरी से त्यागपत्र देकर राजनीति के कंकरीले धरातल पर पैर रखने का अप्रत्याशित व जोखिम भरा निर्णय लिया। न्यूनतम तैयारियों के साथ लड़े गये पहले चुनाव में पराजित होने के बावजूद उनका हौसला बरकरार रहा और पूरे पाँच वर्षों तक रायगढ़ से लेकर दंतेवाड़ा तक अनथक यात्रा करते हुये उन्होंने विपक्षी संघर्ष को ज़िंदा रखा। उनके इसी संघर्ष के कारण वर्ष 2023 के चुनाव में रायगढ़ की जनता ने उन्हें भारी मतों के अंतर से चुनकर विधानसभा भेजा और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का मार्ग भी प्रशस्त किया। गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा आदमी बनाने के अपने वादे को पूरा करते हुये ओपी चौधरी को वित्तमंत्री के साथ ही वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा। एक बड़े आदमी की शैली में नहीं वरन एक जमीन से जुड़े प्रतिनिधि की तरह वे रायगढ़ विधानसभा के कायाकल्प हेतु एक के बाद एक महत्वाकांक्षी योजनाओं को मूर्तरूप देने में दिन-रात एक कर रहे हैं। उनकी अगुवाई में रायगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्ष 2005 से 2026 के बीच मात्र दो दशक का उनका यह सफरनामा एक रोमांचित कर देने वाली अकल्पनीय गाथा से कम नहीं है। इन्हीं क्रिया-कलापों के बरक्स उनकी जीवनयात्रा के संदर्भ में हम यह कह सकते हैं कि ऊपर वाले ने उन्हें विशिष्ट कार्यों के संपादन हेतु ही गढ़ा है।
आज 2 जून को ओपी चौधरी का जन्मदिन है। हमारी ओर से इस जन्मदिवस पर उन्हें हृदय से अशेष शुभकामनाएं……।