
by लक्की गहलोत, संवाददाता, रायगढ़
पुलिस महकमे और उनके चाहने वालों के लिए आज का दिन एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर लेकर आया। अपनी एक लंबी बीमारी से बहादुरी से लड़ते हुए, पुलिस विभाग के होनहार और तेज-तर्रार युवा निरीक्षक अमित शुक्ला आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए।
रायगढ़ के जूटमिल, चक्रधर नगर थाना सहित कई आरक्षी केंद्र में एक जिम्मेदार प्रभारी की भूमिका निभाते हुए वे लगातार जनता की सेवा करते रहे। कुछ समय पूर्व उन्होंने पिथौरा में भी अपनी सेवाएं दीं। युवा तुर्क अमित शुक्ला का इस तरह से अल्पायु में ही परिजनों सहित स्नेहिल लोगों से जुदा हो जाना दुखदाई तो है ही, इस ख़बर ने लोगों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया।
वर्दी में कड़क रौब, भीतर एक नेकदिल इंसान
पुलिस विभाग में अमित शुक्ला की पहचान एक ऐसे अफसर की थी, जो अपराधियों के लिए जितने कड़क और रौबदार थे, आम जनता और अपने साथियों के लिए उतने ही संवेदनशील और व्यवहार कुशल थे। खाकी वर्दी पहनकर जब वो फील्ड में होते, उनके उसूल और सख्ती साफ नजर आती थी, लेकिन उस सख्त मिजाज के पीछे एक बेहद ज़िंदादिल इंसान छिपा था। उनके जूनियर हों या सीनियर, हर कोई उनके अपनत्व और मिलनसार स्वभाव का कायल था।
अधूरी रह गई वापसी की उम्मीद
बीमारी के उस मुश्किल दौर में भी उनके करीबियों और परिजनों को यही उम्मीद थी कि उनका ‘अमित भैया’ हर बार की तरह इस बार भी मुश्किलों को मात देकर वापस लौट आएगा। लेकिन नियति के आगे किसी का जोर नहीं चला और आज वह सब कुछ पीछे छोड़कर इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए।पुलिस विभाग ने आज सिर्फ एक होनहार और कर्मठ निरीक्षक ही नहीं खोया है, बल्कि उनके परिचितों ने एक सच्चा दोस्त, एक मार्गदर्शक और एक बेहतरीन इंसान खो दिया है।